Wednesday, April 18, 2012

एक दिन आएगा कि कोई शक्स हमारा होगा....

एक दिन आएगा कि कोई शक्स हमारा होगा
किसी की आँखों मे मोहब्बत का सितारा होगा,

कोई जहाँ मेरे लिए मोती भरी सीपियाँ चुनता होगा,
वो किसी और दुनिया का किनारा होगा,


काम मुश्किल है मगर जीत ही लूगाँ किसी दिल को,
मेरे खुदा का अगर ज़रा भी सहारा होगा,


किसी के होने पर मेरी साँसे चलेगीं,
कोई तो होगा जिसके बिना ना मेरा गुज़ारा होगा,


देखो ये अचानक ऊजाला हो चला,
दिल कहता है कि शायद किसी ने धीमे से मेरा नाम पुकारा होगा,


और यहाँ देखो पानी मे चलता एक अन्जान साया,
शायद किसी ने दूसरे "साहिल" पर अपना पैर उतारा होगा,

अब तो बस उसी किसी एक का इन्तज़ार है,
किसी और का ख्याल ना दिल को ग़वारा होगा

कौन रो रहा है रात के सन्नाटे में,
शायद मेरे जैसा तन्हाई का कोई मारा होगा,

ऐ ज़िन्दगी! अब के ना शामिल करना मेरा नाम
ग़र ये खेल ही दोबारा होगा....

Sunday, April 15, 2012

वन्दे मातरम् ....

वन्दे मातरम्
सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्
शस्यशामलां मातरम् ।
शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं
फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं
सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं
सुखदां वरदां मातरम् ।। १ ।। वन्दे मातरम् ।

कोटि-कोटि-कण्ठ-कल-कल-निनाद-कराले
कोटि-कोटि-भुजैर्धृत-खरकरवाले,
अबला केन मा एत बले ।
बहुबलधारिणीं नमामि तारिणीं
रिपुदलवारिणीं मातरम् ।। २ ।। वन्दे मातरम् ।

तुमि विद्या, तुमि धर्म
तुमि हृदि, तुमि मर्म
त्वं हि प्राणा: शरीरे
बाहुते तुमि मा शक्ति,
हृदये तुमि मा भक्ति,
तोमारई प्रतिमा गडि
मन्दिरे-मन्दिरे मातरम् ।। ३ ।। वन्दे मातरम् ।

त्वं हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी
कमला कमलदलविहारिणी
वाणी विद्यादायिनी, नमामि त्वाम्
नमामि कमलां अमलां अतुलां
सुजलां सुफलां मातरम् ।। ४ ।। वन्दे मातरम् ।

श्यामलां सरलां सुस्मितां भूषितां
धरणीं भरणीं मातरम् ।। ५ ।। वन्दे मातरम् ।।