Sunday, March 25, 2007

भारत को फिर से पटेल चाहिए………

दिल टूट्ता है उसे मेल चाहिए
सूनी सी पटरियां हैं रेल चाहिए
देशद्रोहियों के लिए जेल चाहिए
भारत को फ़िर से पटेल चाहिए

खूँनी आज दरिया चनाब हुआ है
गेहुँ पिटा शासक गुलाब हुआ है
फाइलों में बन्द ईन्कलाब हुआ है
गधा आज देख लो नवाब हुआ है
कुछ मठाधीश व महंत हो गये
डाकू लुटेरे आज संत हो गये
झोपडी को नही कोकटेल चाहिए
भारत को फिर से पटेल चाहिए

जवानों का खून आज पानी हुआ है
फैशन का नाम ही जवानी हुआ है
संविधान काटा फाड़ा चिट्ठा हो गया
झूठा है जो आज खूब सच्चा हो गया
गाय और सूअर पे दंगा हो गया
नेता अभिनेता सा लफंगा हो गया
ऊंट की तो नाक मे नकेल चाहिए
भारत को फिर से पटेल चाहिए